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Dosto Ne Meri Maa Ko Choda

मेरा नाम आशीष है, आज मैं आपको अपने जीवन की वो घटना बताने जा रहा हूँ जिसे मैं कभी भूल नहीं सकता, उन दिनों मैं बनारस विश्व-विद्यालय में बी.कॉम कर रहा था। हमारे ग्रुप में चार दोस्त थे- अमन, साहिल, सूरज और मैं।

हमारे ग्रुप में अमन ही लीडर था, उसका दिमाग़ बहुत तेज चलता था लड़ाई में भी और पढ़ाई में भी। उसकी पारिवारिक पृष्ठभूमि भी बहुत दमदार थी। पढ़ाई के समय मैं अपनी मम्मी के साथ बनारस में रहता था, मेरे पिताजी मुंबई में काम करते थे और साल में दस-बारह दिनों के लिए ही आते थे।

मेरे दोस्त मुझे चिढ़ाते भी थे कि तेरी मम्मी की प्यास कैसे बुझती होगी, बिना लंड के कैसे रहती होगीं।
मैं भी जवाब में उनकी माँ के लिए बोल देता था।

मैं कई बार इस बात को ध्यान से देखता था कि जब भी मेरे दोस्त मेरे घर आते थे, तो उनकी नज़र मेरी मम्मी के चूचों और गाण्ड पर ही होती थी। मैं इस बात को अनदेखी कर देता था कि चलो कोई नहीं अपनी आँखें सेंक रहे हैं अपने आप शान्त हो जाएँगे।

मेरा आखिरी सेमेस्टर चल रहा था, एक दिन सभी रात को मेरे घर पर आए थे, मैं हैरान तो हुआ कि इतनी रात को यह सब क्या करने आए हैं।
काफी देर काफी बातें होती रहीं। मेरी मम्मी भी पास आकर बैठ गईं और बातें करने लगीं।

कुछ देर बाद अमन ने कहा- आशीष मेरी बात ध्यान से सुन, मैं जब से तेरे से मिला हूँ और तेरे घर आया हूँ, मैं तेरी मम्मी को पसंद करता हूँ और उससे बहुत प्यार करता हूँ, मैं उसे पाना चाहता हूँ। उसकी जवानी को चूसना चाहता हूँ और साहिल और सूरज भी यही चाहते हैं। इसलिए हम तुझसे आज सिर्फ़ एक रात के लिए तेरी मम्मी माँग रहे हैं ताकि उसकी जवानी का रस पी सकें।

यह बात सुनकर मैं तो हैरान रह गया। मुझे कुछ समझ में ही नहीं आया कि मेरे दोस्त मुझसे मेरी मम्मी चोदने के लिए माँग रहे है।
मुझे बहुत गुस्सा आया और मैंने कहा- तुम्हारा दिमाग़ तो ठीक है.. तुम लोग क्या बोल रहे हो..? मेरी मम्मी कोई रंडी है क्या कि तुम्हें एक रात चोदने के लिए दे दूँ और यह बात तुमने सोच भी कैसे ली तुम्हें शर्म नहीं आई..?

इतने में मेरी मम्मी भी बोल पड़ीं- कितनी गंदी सोच है तुम्हारी मेरे लिए... मुझे तुमने क्या कोई रंडी समझ रखा है कि तुम्हारे नीचे लेट जाऊँगी?
तभी अमन ने कहा- हमें पता था आंटी जी कि आप ऐसे ही कहेंगी, इसलिए हम यह काम मुफ़्त में नहीं करेंगे, इसके आपको पैसे देंगे। हमने साल भर से पैसे इकठ्ठे करके रखे हैं, यह एक लाख रुपये ले कर आए हैं।

मेरी मम्मी ने कहा- तुम लोगों ने तो आज मुझे बिल्कुल रंडी बना दिया है, मुझे शर्म आती है तुम लोगों पर और तुम क्या सोच रहे हो कि मैं एक लाख रुपये के लिए एक रात की रखैल बन जाऊँगी।

तभी अमन बोला- कम हैं तो यह लो दो लाख रुपये... आंटी प्लीज़ मान जाओ ना, आज आज की ही तो बात है, हमारी हो जाओ.. कल से फिर सब वैसा ही हो जाएगा। देखो ना आप वैसे भी कितनी अकेली रहती हो और अंकल साल में सिर्फ़ दस या पँद्रह दिन के लिए आते हैं आपको भी संतुष्ट नहीं कर पाते। आंटी जी मैं जानता हूँ कि आपको कैसा लगता होगा। वैसे भी यह आशीष का आखिरी सेमस्टर है और इसके बाद आप लोग मुंबई चले जाएँगे, तो वैसे भी हम लोग आपको कभी दिखेंगे भी नहीं... तो यह दो लाख रख लो। दो लाख के लिए कोई सा भी काम करना ग़लत नहीं होगा। आप इन दो लाख से अपने सारे सपने पूरे कर सकती हो। सोच लीजिए आंटी जी यह मौका फिर नहीं मिलेगा, मज़े के मज़े और पैसे के पैसे।

यह सब देख कर मैं गुस्से से बोला- तुम लोग जाते हो या मैं पुलिस को बुलाऊँ।

तो अमन ने कहा- मैं आंटी से बात कर रहा हूँ, उन्हें ही बोलने दे।

तो मैंने मम्मी से कहा- मम्मी आप बोल तो इस मादरचोद को कि यहाँ से चला जाए।

लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ जो मैंने सपने में भी नहीं सोचा था। मेरी मम्मी ने अमन के हाथ से दो लाख ले लिए और सिर नीचे झुकाए खड़ी रहीं।

मैं हैरान हो गया और बोला- मम्मी यह क्या कर रही हो... आपने पैसे क्यों ले लिए?

अमन समझ गया और उसी वक़्त मेरी मम्मी की कमर में हाथ डाल कर उसे अपनी बाँहों में जकड़ लिया और बोला- तेरी मम्मी ने फ़ैसला कर लिया है और मेरे से पैसे भी ले लिए हैं। अब तू ज़्यादा चिकड़-पिकड़ मत कर और प्रिया डार्लिंग (मेरी मम्मी का नाम) के फ़ैसले को चुपचाप से मान ले, तेरा क्या जा रहा है दो लाख तुझे ही तो उड़ाने हैं।

मेरे पैतों तले तो जैसे ज़मीन ही खिसक गई, मैंने फिर एक बार पूछा- मम्मी साफ़-साफ़ बताओ... आप क्या करना चाहती हो, अगर इनकी बात मानोगी तो मैं पहले बता दूँ आपको कि तीनों बहुत ठरकी हैं। साले वियाग्रा खा के करते हैं और 45- 45 मिनट तक लगातार चोदते हैं। आप को पूरी रात चोदेंगे.. आप झेल नहीं पाओगी। क्योंकि मैं जानता हूँ कि अच्छी-अच्छी रंडिया भी इनके सामने रो पड़ती हैं और आप तो एक साधारण गृहिणी हैं।

इस बात पर मेरी मम्मी नज़र झुका कर बोलीं- आशीष दो लाख रुपये की बात है, यह आगे तेरे काम ही तो आएँगे। तेरी भलाई के लिए आज मुझे रंडी बनने में भी दिक्कत नहीं है और अब मैंने रुपये ले भी लिए हैं इसका मतलब है कि आज रात मैं इनकी रखैल बन चुकी हूँ। अब यह तीनों मेरे साथ जो करना चाहें, वो कर सकते हैं। सिर्फ़ एक ही रात की बात तो है, यूँ ही निकाल जाएगी यह रात..! वैसे भी हम एक महीने बाद हमेशा के लिए मुंबई जा रहे हैं। बेटा मेरी बात मान जा यह पैसे तेरे ही काम आएँगे।

मेरे पास बात मानने के सिवाए कोई और रास्ता भी नहीं था आज जिंदगी में पहली बार मेरी मम्मी मेरी आँखों के सामने मेरे दोस्त की बांहों में थी।

मैंने कहा- जैसा आपको ठीक लगे मम्मी मैं दूसरे कमरे में चला जाता हूँ। आप इन तीनों के साथ इसी कमरे में रात गुज़ारें, मैं सुबह आप से मिलूँगा।

तो मेरी मम्मी बोलीं- ठीक है बेटा जा तू दूसरे कमरे में जाके सोजा, मैं तेरे दोस्तों के साथ इस कमरे में हूँ। वैसे भी आज यह मुझे सोने थोड़े ही देंगे पूरी रात यह मेरी इज्जत के साथ खेलेंगे।

तभी अमन बोला- नहीं... ऐसा नहीं होगा, हम पैसे दे रहे हैं, जैसा हम चाहेंगे वैसा ही होगा।

तो मैंने कहा- अब क्या चाहिए तेरे को..?

अमन बोला- हम इतने पैसे सिर्फ़ तेरी मम्मी को चोदने के लिए नहीं दे रहे हैं। आज रात तेरी मम्मी यानी प्रिया डार्लिंग हमारी रखैल बनेगी और हम तेरी माँ को तेरी आँखों के सामने चोदेंगे। तुझे अपनी माँ की चुदाई भी देखनी होगी, तू चाहे तो तू भी अपनी माँ को चोद सकता है।

तो मैंने बोला- मुझे ऐसा कुछ भी करने की ज़रूरत नहीं है। मैंने अपनी माँ को कभी भी उस नज़र से नहीं देखा है और मैं दूसरे कमरे में जा रहा हूँ। अभी दस बजे हैं और मैं सुबह सात बजे तुम सबको अपने घर से निकाल दूँगा, इस बीच मेरी माँ तुम्हारी है, जो करना चाहो कर लो, तुम्हारे पास सिर्फ़ आठ घंटे हैं।

तभी अमन बोला- नहीं तुझे अपनी माँ की चुदाई भी देखनी पड़ेगी और हम तीनों मिलकर तेरी आँखों के सामने तेरी माँ तो पूरी रात रग़ड़-रग़ड़ कर चोदेंगे।

अमन ने मेरी मम्मी के पेटीकोट में पीछे से हाथ डाल कर उसके चूतड़ दबाते हुए बोला- मेरी प्यारी प्रिया रंडी... बोल अपने लड़के को कि चुपचाप यहाँ पर बैठ जाए और अपनी आँखों से देखे कि हम तीनों कैसे तुझे नंगा करके कुतिया की तरह चोदते हैं। यह हमारी शर्त है, तुझे हमारे कहे अनुसार करना पड़ेगा।

वो धीरे-धीरे मेरी माँ के चूतड़, पेटीकोट के अन्दर ही अन्दर से दबाने लगा। यह सब मेरी आँखों के सामने हो रहा था और मैं कुछ भी नहीं कर सकता था। यह सब साहिल और सूरज भी देख रहे थे और मेरी माँ को चुदासी निगाह से देखे जा रहे थे।

फिर मेरी मम्मी ने मेरी तरफ नज़र झुका कर कहा- आशीष, प्लीज़ यह जो कहते हैं वैसा कर।

तो मैंने पूछा- मुझे क्या करना होगा?

तो अमन ने कहा- सुन.. हम पूरी रात की योजना बना कर आए हैं। सबसे पहले तो एक घंटे तक तेरी माँ का नंगा मुज़रा होगा, उसमें यह हमको खुद अपने हाथों से दारू भी पिलाएगी और उसके बाद तेरी माँ हम सबके लंड चूसेगी। उसके बाद हम बारी-बारी इसे चोदेंगे और उसके बाद हम इसे एक साथ भी चोदेंगे। फिर हम इसे कुतिया बना कर भी चोदेंगे और इसे कोकशास्त्र हर अदा में भी चोदेंगे और तू बड़ा कह रहा था ना कि तूने अपनी माँ को इस नज़र से देखा भी नहीं, तो बीच में तेरी माँ तेरा लंड भी पकड़ेगी और चूसेगी। तू चाहे तो जब कहे हम तेरी माँ को तेरे लंड पे नचा देंगे और चाहे तो अपनी उत्तेजना को रोक लेना लेकिन लंड तो चुसवाना ही पड़ेगा। यह सब हम यादगार बनाना चाहते हैं तो इस पूरे कार्यक्रम की वीडियो भी बनाएँगे।

यह सब कहते हुए वो मेरी मम्मी को अपनी गोद में लेकर कुर्सी पर बैठ गया उसका एक हाथ अभी भी माँ की चड्डी में था और मेरी माँ के चूतड़ों को दबा रहा था। आज पहली बार मुझे लग रहा था कि मेरी माँ पूरी राण्ड बन चुकी है।

फिर अमन बोला- तेरी मम्मी अभी खुद ही ठेके पर जाकर दारू और कंडोम लेकर आएगी, हम भी साथ चलेंगे और तेरी मम्मी पर कौन क्या ताने मारता है, हम सब सुनेंगे और हर फब्ती पर तेरी माँ को हँस कर जवाब देना पड़ेगा। अगर वो इसे हाथ भी लगाएँगे, तो इसे हँसना ही पड़ेगा वो जो भी करें तेरी माँ के साथ, हम सिर्फ़ देखेंगे कुछ भी नहीं कहेंगे। हाँ.. बस यह बोलेंगे जो करना है यहीं पर करो, अब यह तेरी मम्मी के ऊपर है कि वो कब तक वहाँ से आ पाती है और कितनी इज़्ज़त बचा कर ला पाती है।

इस बात पर मम्मी ने बोला- अमन यह तो बहुत ज़्यादा हो गया, पहले इसकी बात नहीं हुई थी, पहले तो तुमने कहा था कि बस तुम तीन ही चोदोगे मुझे..। देखो, तुम्हें मुझे जितना चोदना है, चोद लो। भले एक दिन और ले लो.. मुझे दो दिन तक दिन रात चोद लो.. मैं कुछ नहीं कहूँगी क्योंकि मैं अब अपने आप को तुम तीनों को बेच चुकी हूँ। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि तुम मुझे हर रिक्शे वाले से चुदवाओ। ठेके पर तो बहुत सारे बेवड़े घूमते रहते हैं अगर मैं उनके हाथ लग गई तो वो तो मुझे चोद-चोद कर मेरी चूत फाड़ देंगे।

मेरी माँ अब इतनी खुल गई थी कि अब मेरे सामने चूत और चोदने की बात काफी आराम से कर रही थी।

खैर शर्म तो तभी जा चुकी थी जब मेरी माँ ने दो लाख रुपये लिए थे और अमन ने सब के सामने मेरी माँ की चड्डी में हाथ डाल दिया था। अब मेरे सामने मेरी माँ नहीं एक राण्ड बैठी थी, जो पूरी तरह से चुदने के लिए तैयार थी।

तब अमन ने बोला- प्रिया डार्लिंग जो मैंने कहा है, वो तो करना ही पड़ेगा और मेरी बात मान लोगी तो तुम्हें भी बहुत मज़ा आएगा। आज जब अपने लड़के के सामने चुद ही रही हो तो एक बार पूरी रंडी बनने का मज़ा ले लो और खुली सड़क पर सबके सामने चुद लो। मेरी बात याद रखना, यह तेरी जिंदगी का सबसे यादगार लम्हा होगा।

यह कहते-कहते अमन ने दूसरा हाथ मेरी माँ के मम्मों पर रख लिया और दबाने लगा।

मेरी माँ सिसकारी भरते बोली- बस-बस जो तुम कहोगे, मैं वो सब करूँगी.. बस थोड़ा धीरे से दबाओ इन्हें.. अभी भी कुंवारे ही हैं। तुम्हारे अंकल तो साल में दो या तीन दिन ही करते हैं।

मुझे यह सुन कर शर्म आ रही थी। मेरी माँ पर अब चुदाई का भूत सवार हो गया था।

फिर अमन बोला- आज पूरी रात तू हमें पापा बोलेगा और कहेगा 'हे मेरी माँ के जिस्म के मालिक।' अब हम तेरी माँ के लिए जो ड्रेस लाए हैं वो अपने हाथों से दे और फटाफट अपनी माँ को तैयार कर। आज तेरी माँ सड़कों पर चुदने वाली रंडी बनेगी।

मैंने वो ड्रेस ले ली। वो एक छोटा सा लाल रंग का टॉप और एक लाल रंग की मिनी स्कर्ट थी। अब मैं समझ गया कि अगर यह पहन कर मेरी माँ बाहर ठेके पर गई तो कम से कम दस लोगों से खुले में चुद कर आएगी। पर जब आज मेरी माँ ने एक रात की राण्ड बनने का फ़ैसला ले ही लिया है तो उन्हें भी जी लेने दो। क्योंकि मेरी माँ को शारीरिक सुख कभी भी पूरी तरह से नहीं मिला। यह बात मैं भी जानता था।

फिर वो ही कपड़े मैंने अपने हाथों से अपनी माँ को दिए और बोला- मम्मी.. पापा कह रहे हैं कि यह कपड़े पहन लो और ठेके पर चलो और खुद दारू ख़रीदो।

मेरी मम्मी ने मेरे हाथ से कपड़े लिए और दूसरे कमरे में जाने लगीं। तभी साहिल बोला- प्रिया डार्लिंग यहीं हमारे सामने पहन लो ना.. वैसे भी अब तो पूरी रात नंगी ही रहोगी तुम... तो अभी से शर्म छोड़ दो।

तो इस पर अमन बोला- नहीं.. अभी नहीं अभी तो बेचारी को अन्दर जाने दे।

मेरी मम्मी के जाने के बाद अमन बोला- कोई बात नहीं आशीष जब तेरी माँ गरम हो जाएगी और हम सब उसे चोद देंगे ना तब तू भी उसे चोद डालना।

तो मैंने कहा- नहीं मुझे कोई ज़रूरत नहीं है, लेकिन एक चीज़ का ध्यान रखना, बाहर मेरी माँ के साथ ठेके पर अगर कुछ ज़्यादा हो गया ना तो मैं तुम तीनों को छोड़ूँगा नहीं।

तो साहिल बोला- कोई नहीं यार तेरी माँ की चूत को भी तो थोड़ी शान्ति मिलेगी कुछ लंडों का स्वाद भी चख लेगी। देखना तेरी माँ को भी बहुत मज़ा आएगा।

इतने में मेरी माँ तैयार हो कर बाहर आ गई। आज पहली बार मेरी माँ असली में पटाखा लग रही थी। उसको देख कर तो मुरझाया हुआ लंड भी एक सेकंड में खड़ा हो जाए। ऊपर से लेकर नीचे तक पूरी लाल परी लग रही थी।

अब अमन ने छोटा सा सोनी का कैमरा निकाल कर मुझे दिया और बोला- शूट कर..।

और मैं शूट करने लगा।

पहले अमन ने मेरी माँ का ज़ोर का चुम्मा लिया और उसके मम्मे दबाए। मेरी माँ की दर्द के माँरे आँखें फट गईं लेकिन मुँह बंद होने की वजह से कुछ बोल नहीं पाईं।

फिर उसने मेरी माँ को साहिल के पास भेजा साहिल ने मेरी माँ की स्कर्ट में हाथ डाल कर पता नहीं क्या दबाया मेरी माँ की ज़ोर से चीख निकल पड़ी और आँख से आँसू आ गए।

थोड़ी देर बाद मेरी माँ ने खुद हाथ जोड़कर कहा- प्लीज़ साहिल, हाथ निकाल लो बहुत दर्द हो रहा है..

तो साहिल ने कहा- प्रिया डार्लिंग, अभी से हाथ जोड़ लिए, अभी तो ये सोच कि वो बेवड़े तेरा क्या हाल करेंगे।

तभी अमन ने कहा- प्रिया डार्लिंग, ज़रा अपने बेटे को भी तो बता कि साहिल ने ऐसा क्या किया कि तेरी हालत खराब हो गई और ज़ोर-ज़ोर से चिल्लाने लगी।

तो मेरी मम्मी ने सर नीचे झुकाते हुए कहा- मैं नहीं बता सकती, कम से कम कुछ तो इज़्जत छोड़ दो मेरी.. मेरे लड़के के सामने मैं कैसे बताऊँ कि उसने मेरी पैन्टी में क्या किया, मुझे शर्म आ रही है।

तो अमन ने मेरी माँ की चोटी पकड़ी और अपनी तरफ खींचता हुआ बोला- साली प्रिया रंडी.. आज रात के लिए तू इसकी माँ नहीं है, हमारी रखैल है, हम जो बोलेंगे.. वो करना होगा। चल जल्दी बता इसे और नज़र मिला के बता...।

तब मैं बोला- मम्मी मैंने पहले ही कहा था कि यह तेरे साथ ऐसा-ऐसा काम करेंगे, जो तूने कभी सोचा भी नहीं होगा।

तो मेरी मम्मी ने बोला- साहिल ने मेरी चड्डी के अन्दर हाथ डाला और पहले मेरी चूत को सहलाया और मेरी चूत के दाने को दबाया, फिर मेरी गाण्ड में पहले एक ऊँगली डाली फिर दूसरी डाली फिर चारों ऊँगलियां डाली और मेरी गाण्ड में ऊपर-नीचे करने लगा, इसलिए मुझे दर्द हुआ जो मैं झेल नहीं पाई और चिल्ला उठी।

यह सब सुनकर मुझे भी अजीब लग रहा था कि मेरी मम्मी अपने मुँह से मेरे सामने अपनी ही चूत और गाण्ड की बातें कर रही थीं।

इस पर अमन मुझसे बोला- क्यों मज़ा आया ना... अब तू देखता जा.. थोड़ी देर में हम तुझे वो जगह दिखाएँगे, जहाँ से तू निकला था। यानि की तेरी माँ प्रिया की चूत..!

यह सुन कर एक बार तो मेरा भी मन मचल गया कि मेरी माँ की चूत कैसी होगी और कब देखने को मिलेगी और यह लोग मेरी माँ को कब नंगी करेंगे लेकिन फिर मैंने अपने मन को काबू में कर लिया।

तब साहिल बोला- चलो, अब प्रिया डार्लिंग को ले कर चलो ठेके पर... और सुन जानेमन, तुझे वहाँ अपनी गाण्ड मटकाते हुए जाना है और दुकान पर सामने ज़ोर की आवाज लगानी है कि व्हिस्की की चार बोतल दे दो और अगर बोतल नहीं हैं तो दस अद्धे भी चलेंगे, कोई तुझे देख कर कुछ अश्लील कमेन्ट करे तो तुझे भी उसी अश्लील अन्दाज में उसका जबाव भी देना है।

मम्मी बोली- ठीक है।

अब हम सब घर से निकल कर चल दिए। मेरी मम्मी उनकी बाँहों में हाथ डाले हुए उनके साथ चलती हुई जा रही थीं और वो बीच-बीच में मेरी मम्मी की चूचियों और चूत को को छेड़े जा रहे थे।

अमन ने कहा- तू आगे बैठ और गाड़ी चला, हम चारों तेरी माँ के साथ पीछे बैठेंगे।

मैंने कहा- ठीक है लेकिन तुम चार पीछे कैसे बैठोगे?

तो अमन ने कहा- हम तीन बैठेंगे और तेरी माँ हमारी गोदी में बैठेगी।

इस बीच मैंने एक बार अपनी माँ को ऊपर से लेकर नीचे तक देखा। मेरी मम्मी नीचे से पूरी नंगी थीं। बस एक स्कर्ट ही था जो सिर्फ चार इंच लंबा था इसमें भी मेरी मम्मी थोड़ा सा भी झुक कर चलती तो उनकी लाल चड्डी आराम से दिख सकती थी। ऊपर भी सिर्फ़ एक लाल पट्टी थी, जो मेरे मम्मी के चूचकों को ढक रही थी।

अब मेरी मम्मी एक माल दिख रही थीं। उनके मम्मे और पेट की नाभि उनकी सेक्स अपील को बहुत अधिक बढ़ा रहे थे। मैंने एक चीज़ ध्यान दे कर देखी कि अमन ने सिर्फ़ कपड़े दिए थे, लेकिन मेकअप का सामान तो दिया नहीं था, तो मम्मी ने लिपस्टिक व फेसपैक भी लगाया था और उनके शरीर से इत्र की खुशबू भी आ रही थी।

यह देख कर मैं समझ गया कि मेरी मम्मी रंडी बन कर चुदने के लिए पूरा मन बना कर आई हैं। अब उनकी इस सोच ने मेरा मन भी रंगीन बना दिया था।

खैर हम सभी लोग दारु के अड्डे की ओर चल दिए रास्ते में अमन और साहिल मेरी माँ की चूचियों को मसकते रहे मैं शीशे से सब देख रहा था कि मेरी माँ मस्त होकर मुस्कुरा कर उनसे अपनी काम वासना बुझवा रही थीं।
कुछ ही देर में हम लोग वहाँ पहुँचे और ठेके से कुछ दूर ही गाड़ी रोक कर सब उतर गए।

अमन ने एक सिगरेट सुलगाई और कहा- चल प्रिया डार्लिंग तेरा काम शुरू.. जा अब ठेके से दारु ले कर आ...।

उसने मेरी माँ की उस चोली नुमा पट्टी में हजार-हजार के नोट खोंस दिए और पीछे से माँ के चूतड़ों पर थपकी लगे और जाने का इशारा किया।
माँ की काम-वासना अब उजागर होने लगी थी। वो जिस तरह से चल रही थी मुझे विश्वास नहीं हो रहा था कि ये मेरी माँ हो सकती है।

वो ठेके की तरफ एक छिनाल औरत के जैसे मटकती हुई गई तभी एक हरामी से आदमी ने सीटी मारी और जोर से बोला- आज तोगज्जक लाल हो रही है।

मेरी माँ ने पलट कर जबाव दिया- ओए गज्जक को देखता ही रहेगा या गज्जक कूटने की हिम्मत भी है?

वो आदमी सहम कर चुप हो गया, पर उसके बाजू वाला बोला- मेरे मूसल से कुटवा ले..!

'मूसल तो दिखा..'

उसने अपना लौड़ा खोल दिया।

मेरी माँ खिलखिला कर हंसती हुई काउंटर पर पहुँची- ओए... चार रॉयल स्टैग की बोतल दे..!

काउंटर वाला भी हैरान था कि यह कौन सी रण्डी आ गई।
उसने कुछ नहीं कहा और जल्दी से बोतलें दीं और मेरी माँ से पैसे लिए।
उसे वहाँ का माहौल ख़राब होने का अंदेशा था सो उसने माँ को जल्दी ही सामन देकर विदा किया।

माँ ने उस आदमी को अपने पास आने का इशारा किया जो मूसल से कूटने की बात कर रहा था।

वो लपक कर आया तो माँ बोली- चलता क्या?

वो खींसे निपोरने लगा। उसने हामी भरी तो माँ ने उसको बोतलें उठाने का इशारा किया। उसने बोतलों का थैला उठाया और माँ के पीछे-पीछे चल दिया।

मैं माँ की समझदारी देख कर हैरान था कि उसने बोतल उठाने के लिए अपनी जवानी का लालच कैसे दिया।

माँ गाण्ड मटकाती हुई गाड़ी तक आईं।

उस आदमी ने जब हम चारों को देखा तो उसका मुँह सूख गया। पर तब भी माँ ने उसके हाथ से थैला लिया और उसको एक फ्लाइंग किस दी और बोली- चल फूट तेरा काम खत्म।

अमन हँसने लगा- वाह प्रिया रानी.. तेरे ये जलवे..!

वो माँ की इस अदा से बहुत खुश था।

सब लोग गाड़ी में बैठ कर वापिस आ गए।

अब घर पर शराब का दौर शुरू हुआ, अमन ने मेरी माँ से सबके लिए दारु के पैग बनवाये और झुक का पैग देने का कहा माँ ने सबको जाम पेश किए।

अमन ने कहा- आशीष को भी दे..

मेरी माँ ने मुझे भी जाम पेश किया मैंने आँख झुका कर जाम ले लिया और उस नागवार से माहौल को मस्ती में बदलने के लिए मैं एक ही सांस में पूरा जाम गटक गया।

अमन ने मुझे फिर से जाम दिया और इस तरह मैं चार पैग ठोक लिए।

उधर अमन ने माँ को अपनी गोद में बिठा कर दो पैग माँ को भी पिला दिए।
कुछ ही देर में सुरुर आने लगा।
साहिल ने उठ कर गाने लगा दिए और मेरी माँ भी उठ कर झूमने लगी।

अमन उसके साथ नाचने लगा और नाचते-नाचते मम्मी को ऊपर से पूरा नंगी कर दिया।

माँ के हिलते मम्मे देख कर मेरा लवड़ा खड़ा हो गया। अब मुझे भी नशे में वो माँ नहीं प्रिया रण्डी दिख रही थी।

सब झूमने लगे थे शराब और सिगरेट के साथ माहौल कामुक हो चला था, अब मम्मी भी एक सिगरेट के छल्ले उड़ा रही थीं।

तभी अमन ने अपने सब कपड़े उतार दिए और अपना लौड़ा माँ की तरफ लहराया। माँ समझ गईं और उन्होंने लपक कर अमन का लौड़ा चूसना शुरू कर दिया।

आह.. कितनी सेक्सी लग रही थीं वे..!

साहिल और सूरज ने अपने लंड खोल लिए थे। सब प्रिया रण्डी से लौड़े चुसवाने में लगे थे, मैं भी अपने लौड़े पर हाथ फेर रहा था।

तभी अमन बोला- आशीष तू भी नंगा हो जा.. आज प्रिया रानी तेरा ठुल्लू भी चूसेगी.. हा हा हा..

मैंने माँ की ओर देखा तो भी हँस रही थी- खोल दे.. दिखा मुझे कितना बड़ा हो गया है तेरा लौड़ा..!

अपनी माँ से ये सब सुनकर एक बार तो मुझे हैरानी हुई पर शराब के नशे में धुत्त माँ की तरफ वेबस हो कर देखता रहा।

अमन बोला- प्रिय रानी जा.. तू ही नंगा कर दे इसको।

माँ मेरे पास आईं और मुझे उठा कर मेरे कपड़े उतारने लगीं। लेकिन मैं पीछे हट गया।

तभी अमन ने मेरे हाथ में एक सिगरेट पकड़ा दी और मेरे होंठों से जाम लगा दिया।

मुझे जाम की सख्त जरूरत थी। मैंने गट-गट एक ही सांस में शराब को अपने हलक में उतार ली, ये नीट थी।

मेरी जुबान जलने लगी मैंने तुरंत सिगरेट का बड़ा कश खींचा।

सूरज ने तालियाँ बजा कर मेरी माँ का हौसला बढ़ाया और अमन ने अपना लंड माँ के मुँह में ठूंस दिया।

एक-एक करके सबने अपने-अपने हथियारों का पानी मेरी माँ के हलक में छोड़ा। फिर अमन ने माँ की लाल चड्डी को खींच कर फाड़ दिया और माँ की चूत सामने थी।

अमन- देख आशीष तू इधर से उगा था। साहिल और सूरज उसकी इस बात को सुन कर हँसने लगे मेरी माँ भी उनकी हंसी में शामिल हो गई थी।

अब चुदाई की बेला आ गई थी। अमन ने सबसे पहले मेरी माँ के मम्मे जोर से भींचे और अपना लवड़ा एक ही बार में माँ की चूत में पेवस्त कर दिया।

माँ के मुँह से एक चीख निकल गई। फिर एक दो धक्के में ही उसने अमन के लंड को अपनी चूत में सैट कर लिया। अमन धकाधक मेरी माँ चोदने लगा।

तभी पीछे से साहिल ने आकर माँ के मुँह में अपना लंड लगा दिया माँ ने उसके लौड़े को चूसना शुरू कर दिया।

उसे देख कर सूरज भी अपना हिलाते हुए आ गया और उसने भी माँ को लौड़ा पकड़ा दिया। माँ नीचे पड़ी थी और उसकी चूत में अमन का लंड शंटिंग कर रहा था और साहिल व सूरज के लौड़े माँ के मुँह को चोद रहे थे।

मैं नशे टुन्न वहीं खड़ा होकर देख रहा था।

तभी अमन झड़ने को हुआ और उसने अमन माल माँ की चूत में छोड़ दिया।

उसके हटते ही माँ उठने को हुई तो साहिल ने माँ को अपनी बाँहों में खींच लिया'जाती किधर हो रानी... मेरा लवड़ा नहीं लोगी क्या?'

साहिल ने नीचे लेटते हुए माँ को अपने ऊपर ले लिया और माँ ने साहिल का लंड अपनी चूत में डाल लिया।

साहिल ने माँ के मम्मे पकड़ कर नीचे से ही कमर उठा कर मेरी माँ चोदनी शुरू कर दी।

तभी अमन ने सूरज को इशारा किया और सूरज ने माँ के ऊपर आते हुए माँ की गाण्ड में अपना लौड़ा लगा दिया।

माँ एकदम से चिहुंक गई- प्लीज़.. आगे से ही ले लेना.. मेरी गाण्ड फट जाएगी.. मेरी गाण्ड मत मारो..

अमन हंसता हुआ बोला- रानी दो लाख में गाण्ड भी न मारें.. अरे फट जायेगी तो सिलवा लेना..हा हा हा।

सूरज ने अपना लौड़ा मेरी माँ की गाण्ड में पेल दिया। अब मम्मी सेंडविच बन कर चुद रही थीं और अमन ने उनका तीसरा छेद यानि मुँह में अपना झड़ा हुआ लंड लगा दिया जो माँ और अमन के माल से सना था।

मैं माँ को चुदते हुए देख रहा था।

कुछ ही देर में सूरज का लौड़ा झड़ गया और साहिल ने माँ को लौड़ा लगाए हुए ही पलट दिया और मेरी माँ चोदने लगा।

बीस मिनट चोदने के बाद साहिल भी झड़ गया। अब ये तीनों एक-एक बार झड़ चुके थे।

अमन ने माँ को सबको फिर से दारू पिलाने की कह कर सिगरेट सुलगा ली।

माँ ने झूमते हुए उठ कर सबको जाम पेश किए।

खुद अमन ने माँ को अपनी गोद में बिठा कर दारू पिलाई।

सारी रात मेरी माँ चुदती रही और उसने अपनी चुदाई की प्यास बुझा ली। सुबह को करीब 4 बजे तक मेरी माँ को चोदा गया और इस तरह दो लाख की डील पूरी हो गई।

अगले दिन ही मैंने माँ से कह दिया कि अब हम लोग इधर नहीं रह सकते।

तो माँ का जबाव सुन कर मैं हैरान हो गया।

उन्होंने कहा- आशीष दो लाख कम नहीं होते हैं और पैसा बड़ी चीज होती है। तूने भी मुझे चोद लिया है, अब धंधा करने में क्या दिक्कत है। तेरे बाप से तो कुछ बनता नहीं है। तू मेरा दल्ला बन जा और मेरे लिए ग्राहक ला, इस तरह मेरी प्यास भी शान्त होती रहेगी और पैसा भी मिलता रहेगा।

मैं अवाक उसको देखता रहा।

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Tarak mehta ka sex chasma.

Gokuldham society..........
morning time..bhide house--- madhvi kitchen mai nasta bana rahi thi wo is waqt saree mai thi uski gand bahut badi dikh rahi thi wo red color ki saadi mai thi or wo sleveless blouse pahne hui thi jisme se wo bahut hi sexy lag rahi thi.......uske bade boobs blosi mai se nikalne ki kosis kar rahe the wo kitchen mai nasta banane mai busy thi.......tabhi kitchen mai bhide ki entry hoti hai or wo madhvi ke naseele badan ko dekh kar apne lund ko sahlata hai.......... uska lund 6 inch ka hai wo use apne pajame se nikaalta hai or madhvi ko piche se pakad leta hai madhvi ghabra jaati hai..........
madhvi-kya aap bhi kabhi bhi kahi par bhi suru ho jate ho chodiye mujhe bahut kaam hai.....
madhvi apne aap ko chudaane ki poori kosis karti hai par bhide nahi chodta hai.....
bhidd- madhvi mai kya karu tumhe dekhte hi mera lund khada ho jata hai.....ab tho ise shant karne hi padhega........
wo madhvi ki saari uthane lagta hai...........madhvi bhide ka hath rokte…

Bete ne Maa ko Garbhwati kiya

"Aman" 18 saal ka handsome smart aur mascular ladka hai. Uska lund 8.5 inch ka hai. Jawani ka josh uske uper har waqt sawaar rehta hai. Ye un dino ki baat hai... Jab garmiyon ki chutti chal rahi thi aur Aman apni Behad Sexy aur Haseen Maa"Sania" ke sath ghar pe apni chuttiyaan guzaar raha hai.
Sania behad khubsurat aur Sexy hai. Gora rang, kaali Zulfen, behad khubsurat gulabi thos chuchi... Chikna sapat pet.. Patli kamar... 2 bade bade ubhre hue Behad haseen Chutad... Sexy Rasili Chut... Madmast figure... "36D-30-38"
Jo dekhe uska lund khada ho jaaye... Sania ka sabse bada diwana koi aur nahi uska apna beta Aman hai.
Aman ke dimaag me hamesha ek hi baat ghoomti rehti hai ki... Maa ko chodne me kitna maza aayega... Maa ke haseen pairon ko apne kandhe pe rakh ke apna 8.5 inch ka lund unki rasili chut me daalne me kitna maza aayega...
Maa ki chut ko apne vaarya se bhar ke unhe maa banane me bada maza aayega...
Sonia ye jaanti hai ki uska beta u…

MAA KI GARMI 3

Me nha dhoke taiyar ho gaya bahar jane k liye....
Tabhi call aata he.....
Maa phone uthati he khuch baat karne k baad maa thodi pateshan dikhne lagti he....
Baat karne k baad phon rakh detti he me maa se. Puchta hu kya hua maa??
Maa- Beta tere nani ki tabiyat bohot kharab ho gai he hame abhi gaon jane k liye nikalna hoga....
Me-- kya abhi???
Maa- haa beta argent bulaya he....
Me-- ok maa to papa aur didi ko bhi phon karke bula lete he....
Maa - nhi beta tere papa nhi aayenge wo tere naana se pichle 15 salo se bat nhi karte wo nhi aayenge hume hi nikalna hoga
Me-- aur didi?
Maa- use baad me bula lenge filhal hum nikal ye he.....
Maa kafi pareshan hogai mene bhi hami bhar ke nikal ne ki taiya ri kar li maa ne bhi saree pahn ke ham pese leke nikal gaye hamne koi bag ya kapde nhi ke side hi nikal pade gaon k liye.....
Maa-- beta zara dekh ****pur jane wali bus kitne baje he??
Me- thok he maa
Me vaha enquiry counter pe jake pucha unhone bata ya k bus sham ko 3 baje he..
Hamne waha beth…